देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने पुराने वाहनों को सड़क से हटाकर पर्यावरण अनुकूल नए वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की है। राज्य में अब पुराने वाहन को स्क्रैप कराने के बाद उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदने पर मोटर व्हीकल टैक्स में 15 से 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
यह व्यवस्था 10 दिसंबर 2025 को हुई कैबिनेट बैठक के निर्णय के तहत लागू की गई है। परिवहन सचिव बृजेश कुमार संत ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
सरकार के अनुसार, इस नीति का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना और नए, आधुनिक एवं पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को प्रोत्साहित करना है। लंबे समय से इस छूट को लागू करने की प्रक्रिया चल रही थी।
वित्त विभाग का कहना है कि इस फैसले से राज्य को केंद्र सरकार से विशेष पूंजीगत सहायता मिलने का मार्ग भी प्रशस्त होगा। परिवहन विभाग के इस सुधारात्मक कदम के चलते उत्तराखंड को करीब 50 करोड़ रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि मिलने की संभावना है।
क्या होगी प्रक्रिया
टैक्स छूट का लाभ किसी भी पंजीकृत वाहन को स्क्रैप कराने पर मिलेगा। वाहन मालिक को अपने पुराने वाहन को मान्यता प्राप्त स्क्रैपिंग सेंटर में नष्ट कराना होगा। स्क्रैपिंग के बाद सेंटर द्वारा जारी सर्टिफिकेट के आधार पर, उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदने पर टैक्स में छूट दी जाएगी। यह छूट परिवहन वाहनों के लिए आठ वर्ष और गैर-परिवहन वाहनों के लिए 15 वर्ष तक मान्य रहेगी। स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
छूट का गणित
निजी वाहनों (कार आदि) पर मोटरयान कर में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जबकि वाणिज्यिक वाहनों को 15 प्रतिशत की छूट मिलेगी। बीएस-1 और बीएस-2 श्रेणी के सभी वाहनों पर 50 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान किया गया है।
वर्तमान में 10 लाख रुपये तक के वाहन पर लगभग 90 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन टैक्स लगता है, जिसमें अब विभिन्न श्रेणियों में 10,800 से 45 हजार रुपये तक की राहत मिलेगी। 20 लाख रुपये से अधिक कीमत के वाहनों पर टैक्स छूट 30 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक हो सकती है।
सरकार का मानना है कि यह नीति न केवल प्रदूषण नियंत्रण में सहायक होगी, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी नई गति देगी।
