वैसे तो पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है मामला पौड़ी जिले के कोटद्वार का है जहां सड़क दुर्घटना में एक 20 साल की युवती की मौत हो गई थी। उसको लेकर पत्रकार ने इंसाफ के लिए आवाज उठाई तो कोटद्वार पुलिस ने पत्रकार को ही हवालात में डाल दिया। जब शंखनाद इंडिया की टीम ने पत्रकार और पीड़ित पक्ष से बातचीत कि तो उसमें मृतका की मां ने इंसाफ की मांग की। कहा कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है और पत्रकार ने कहा कि खबर लिखने पर मुझे हवालात में डाल दिया।
इंसाफ मंगाने पर पत्रकार को ही डाल दिया हवालात में
पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां इंसाफ मांगने पर पुलिस ने एक पत्रकार को ही हवालात में डाल दिया। कोटद्वार में जनवरी में एक सड़क दुर्घटना में एक 20 वर्षीय युवती की मौत हो गई थी। इस मामले में फेसबुक पर कमेंट करने पर कोटद्वार पुलिस ने स्थानीय पत्रकार को ही रातभर हवालात रखा इतना ही नहीं पुलिस ने पत्रकार का मोबाइल भी जब्त कर लिया और उस से एक कोरे कागज पर भी साइन करवाए।
इस पूरे प्रकरण के बाद पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में पीड़ित पत्रकार सुधांशु थपलियाल ने सीएम पोर्टल पर न्याय की गुहार लगाई है। इसके साथ ही पुलिस कार्रवाई की शिकायत उन्होंने पुलिस शिकायत प्राधिकरण व मानवाधिकार आयोग से भी की है। पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई से आक्रोश देखने को मिल रहा है।
पीड़ित महिला ने भी की इंसाफ की मांग
कोटद्वार में हुए एक्सीडेंट में जान गंवाने वाली युवती की मां के मदद मांगने पर 29 जनवरी को सुधांशु ने फेसबुक पोस्ट पर घटना के बाबत कमेंट लिखा। इसके मुताबिक भाजपा नेता से जुड़े होने के कारण 12 दिनों तक वाहन चालक की गिरफ्तारी नहीं हुई। वाहन चालक को पकड़ने में नाकाम पुलिस वे पत्रकार को ही हवालात में डाल दिया। इसी बीच चालक को भी बिजनौर से गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन अब पत्रकार पर इस कार्रवाई का विरोध हो रहा है। इस मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि जिन पर न्याय की व्यवस्था का पूरा जिम्मा होता है अगर वो ही न्याय नहीं करेंगे तो जनता किसके पास जाएगी ?