नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित हाई-प्रोफाइल एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके चलते दिल्ली पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के अनुसार, कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध के दौरान अपनी शर्ट उतार दी और “पीएम इज कंप्रोमाइज्ड” जैसे नारे लगाए। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाला। समिट में सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के नेता और विदेशी प्रतिनिधि शामिल थे, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
भारतीय युवा कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी कर कहा कि यह प्रदर्शन देश की अस्मिता और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर सरकार के कथित झुकाव के खिलाफ था। संगठन ने दावा किया कि पूरे देश का युवा सरकार की नीतियों से नाराज है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन को देशविरोधी कृत्य बताया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है और इस कृत्य के लिए माफी मांगनी चाहिए। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिरसा ने भी कांग्रेस पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे शर्मनाक और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। राजनीतिक दलों के बीच इस घटना को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है, जबकि समिट के आयोजकों ने कार्यक्रम को बिना किसी बड़े व्यवधान के आगे बढ़ाने की बात कही है।
