नई दिल्ली। भारत मंडपम में चल रही इंडिया एआई इंपैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन से आयोजन स्थल पर अफरातफरी का माहौल बन गया। जिस समय यह हंगामा हुआ, उस वक्त विदेशी प्रतिनिधिमंडल, सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के शीर्ष नेता कार्यक्रम में मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दोपहर करीब 12:30 बजे क्यूआर कोड के जरिए समिट परिसर में प्रवेश किया और हॉल नंबर-5 के लॉबी एरिया में पहुंचकर अचानक प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतारकर टी-शर्ट पहनकर नारेबाजी की, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें तथा “इंडिया-यूएस ट्रेड डील”, “एपस्टीन फाइल्स” और “पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड” जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे भी लगाए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्थल से बाहर ले जाया गया। पुलिस ने बेहद सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में बाधा डालने के मामले में केस दर्ज कर चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की पहचान की जा रही है।
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि यह विरोध देश के बेरोजगार युवाओं के आक्रोश की अभिव्यक्ति है और शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र में अधिकार है। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को किसानों और जनता के हितों के खिलाफ बताया।
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस घटना को देश की छवि खराब करने की कोशिश बताया और कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन को “शर्मनाक” बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है।
