देहरादून। झाझरा क्षेत्र से गिरफ्तार आतंकी विक्रांत कश्यप से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से कोड वर्ड के जरिए बातचीत करता था। बातचीत में “आलू गिराने” जैसे शब्दों का इस्तेमाल हैंड ग्रेनेड हमलों के लिए किया जाता था। आरोपी बार-बार अपने आकाओं से पूछता था कि “कहां आलू गिराने हैं”, जिस पर उसे इंतजार करने के निर्देश मिलते थे।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार पंजाब में हुए हैंड ग्रेनेड हमलों से भी जुड़े मिले हैं। इसके अलावा एक पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड की हत्या के मामले में भी इसी गैंग की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि विक्रांत इस बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा कैसे बना।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन अल बद्र ब्रिगेड से जुड़े शहजाद भुट्टो द्वारा पिस्टल उपलब्ध कराई गई थी। इस हथियार को दिल्ली में एक महिला अधिवक्ता को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। विक्रांत के पास से विदेशी निर्मित पिस्टल भी बरामद की गई है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी को दिल्ली में एक संगठन के कार्यकर्ताओं पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने का टास्क दिया गया था। इसके बदले उसे नेपाल के रास्ते दुबई भेजने और मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। साथ ही, हिंदू आस्था से जुड़े कुछ स्थानों को भी निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी।
फिलहाल, एजेंसियां विक्रांत के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और चैट्स की गहन जांच कर रही हैं और उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों की तलाश जारी है। जांच का दायरा उत्तराखंड से बाहर अन्य राज्यों तक बढ़ा दिया गया है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
