पिरान कलियर थाना क्षेत्र के गुम्मावाला गांव में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अज्ञात ठगों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए एक व्यक्ति को उसके बेटे के गंभीर अपराध में फंसे होने का डर दिखाकर करीब छह लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुम्मावाला गांव निवासी योगेश कुमार सैनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 3 फरवरी को वह अपने एक मित्र के साथ जौलीग्रांट अस्पताल गया था। इसी दौरान सुबह करीब 11 बजे उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई।
कॉल करने वाले व्यक्ति ने पहले उसके बेटे प्रतीक सैनी की घबराई हुई आवाज सुनाई और फिर आरोप लगाया कि प्रतीक और उसके दोस्तों ने एक युवती के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी है। ठग ने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए कहा कि मृतका के पिता हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और यदि तुरंत पैसे नहीं दिए गए तो उसके बेटे को जेल भेज दिया जाएगा।
ठगों ने योगेश को बेटे से संपर्क न करने की चेतावनी दी और लगातार पैसों की मांग की। डर और घबराहट में आकर योगेश ने पहले 50 हजार रुपये गूगल पे के माध्यम से ट्रांसफर किए। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रुपये भेजने का दबाव बनाया गया, जिसके चलते उसने परिचितों से उधार लेकर कुल लगभग छह लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
बाद में जब उसने अपनी बेटी से संपर्क किया तो पता चला कि उसका बेटा पूरी तरह सुरक्षित है और घर पर ही मौजूद है। इसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल की मदद से जांच की जा रही है और ठगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी डराने वाली कॉल पर घबराएं नहीं और बिना सत्यापन के किसी को भी पैसे न भेजें।
