चमोली। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सोमवार से उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया। हालांकि सत्र की शुरुआत से पहले ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई और कांग्रेस विधायकों ने विधान भवन परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विधायकों ने बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर परिसर में धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक विधान भवन परिसर में ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि बजट सत्र की अवधि कम रखी गई है, जिससे जनहित के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाएगी। इस दौरान विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए अपनी नाराजगी जताई।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का विरोध और तेज हो गया। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ विरोध जताने लगे। हंगामे और शोर-शराबे के बीच ही राज्यपाल का अभिभाषण शुरू किया गया।
हालांकि राज्यपाल के संबोधन की शुरुआत होते ही कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए सत्र की अवधि कम कर रही है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि बजट सत्र के दौरान सभी आवश्यक विषयों पर चर्चा की जाएगी। सदन की कार्यवाही के पहले ही दिन विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट से विधानसभा का माहौल काफी गरम रहा। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव किस तरह आगे बढ़ता है।
