हरिद्वार। ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के बीएएमएस द्वितीय वर्ष के छात्र यशपाल (23) ने गंगा में कूदकर आत्महत्या कर ली। यशपाल, पुत्र पुष्पेंद्र पाल, मूल रूप से साही भवन, इंद्रानगर, जिला गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का निवासी था और हरिद्वार के मायापुर क्षेत्र में किराये के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रहा था। शुक्रवार से वह लापता था, जिसके बाद देर शाम पथरी पावर हाउस क्षेत्र से उसका शव बरामद हुआ।

शनिवार सुबह शव की शिनाख्त के बाद पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, जहां से एक सुसाइड नोट मिला। नोट में यशपाल ने खुद को असफल बताते हुए जीवन से हार मानने और आत्महत्या करने का उल्लेख किया था। घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज के छात्र-छात्राओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने कॉलेज परिसर में हंगामा करते हुए प्रबंधन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।

छात्रों का आरोप है कि परीक्षाओं और परिणामों में लगातार हो रही देरी के कारण छात्र मानसिक तनाव में रहते हैं और यशपाल भी इसी दबाव से टूट चुका था। छात्रों ने परिषद निदेशक का घेराव कर प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया। स्थिति बिगड़ने पर शहर कोतवाली पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाकर शांत कराया। प्रशासन ने छात्रों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

शहर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस सुसाइड नोट और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।