देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की है। पत्रकार कल्याण कोष के तहत प्रदेश के चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की संस्तुति की गई है। इस प्रस्ताव के तहत कुल 20 लाख रुपये की सहायता दिए जाने की सिफारिश की गई है। इसका उद्देश्य पत्रकारों के निधन के बाद आर्थिक संकट का सामना कर रहे उनके परिवारों को राहत पहुंचाना है।

पत्रकारों के कल्याण और सम्मान से जुड़े मामलों पर विचार करने के लिए सूचना विभाग की ओर से पत्रकार कल्याण कोष एवं मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत गठित समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रस्तुत प्रकरणों पर विचार-विमर्श के बाद आर्थिक सहायता देने से संबंधित प्रस्तावों पर संस्तुति की गई।

पत्रकारों और उनके परिवारों को सहायता देने पर जोर

राज्य सरकार की ओर से पत्रकारों और उनके आश्रितों को जरूरत के समय आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पत्रकार कल्याण कोष संचालित किया जा रहा है। इस कोष के माध्यम से पात्र पत्रकारों और उनके परिवारों को निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता प्रदान की जाती है। इसमें दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों के अलावा गंभीर बीमारी से जूझ रहे पत्रकारों की मदद के प्रावधान भी शामिल हैं।

समिति की बैठकों में प्राप्त आवेदनों पर विचार करने के बाद सहायता से संबंधित प्रस्तावों की संस्तुति की जाती है। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि संकट की स्थिति में पत्रकारों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना कम करना पड़े।

पत्रकार कल्याण योजनाओं से मिल रही मदद

उत्तराखंड में पत्रकारों के हितों की रक्षा और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए पत्रकार कल्याण कोष के साथ मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना भी संचालित की जा रही है। पेंशन योजना के तहत पात्र वरिष्ठ पत्रकारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

सरकार का कहना है कि पत्रकारों के कल्याण और सम्मान से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित समितियों की बैठकें आयोजित कर प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की जाती है।

चार दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने की संस्तुति इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, संस्तुति और अंतिम स्वीकृति अलग-अलग चरण हैं। सहायता राशि जारी होने की स्थिति संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी।

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