गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और सुधारात्मक सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उत्तराखंड के 12 कर्मियों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित करने की घोषणा की है। यह सम्मान कर्तव्य के प्रति असाधारण निष्ठा, साहस, अनुकरणीय सेवा और विशिष्ट सेवा रिकॉर्ड के आधार पर प्रदान किया गया है।

सम्मानित होने वालों में उत्तराखंड से आईजी योगेंद्र सिंह रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। राष्ट्रपति पदक विशिष्ट सेवा के लिए उन अधिकारियों को दिया जाता है, जिनका सेवा रिकॉर्ड अत्यंत उत्कृष्ट रहा हो, जबकि सराहनीय सेवा पदक कर्तव्य के प्रति निष्ठा और उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।

पदक पाने वालों में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस प्रबोध कुमार घिल्डियाल, सतर्कता अधिष्ठान देहरादून की निरीक्षक ज्योति चौहान, अभिसूचना मुख्यालय के इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र, चंपावत के डीएसपी शिवराज सिंह, सेक्टर वार्डन मीना मोहन शर्मा (देहरादून), डिप्टी डिवीजनल वार्डन रविंद्र काला (देहरादून) और पुलिस मुख्यालय में तैनात सहायक उप निरीक्षक साजिद अली शामिल हैं। इन सभी कर्मियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं।

इसी क्रम में उत्तराखंड कैडर के आईपीएस अधिकारी सदानंद दाते को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में सात वर्षों तक उत्कृष्ट और प्रभावी सेवा देने के लिए राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। उनके कार्यकाल को जटिल मामलों की निष्पक्ष जांच और उच्च नैतिक मानकों के लिए जाना जाता है।

वहीं, सीबीआई देहरादून ब्रांच के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र को सराहनीय सेवा पदक (एमएसएम) से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान कर्तव्य के प्रति समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किया गया है।