उत्तराखंड पुलिस द्वारा प्रदेशभर में फर्जी बाबाओं के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत नैनीताल में दो संदिग्ध बाबाओं को गिरफ्तार किया गया है। ये बाबा तेलंगाना राज्य के निवासी बताए जा रहे हैं, जो बाजार क्षेत्र में हस्तरेखा पढ़ने के नाम पर लोगों को भ्रमित कर रहे थे।

पुलिस को देखकर घबरा गए बाबा, पूछताछ में खुली पोल

गुरुवार को एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा के निर्देश पर एसओ रमेश बोहरा की अगुवाई में पुलिस टीम बाजार क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को दो बाबा संदिग्ध अवस्था में घूमते नजर आए। जब पुलिस टीम ने उन्हें रोका, तो वे घबरा गए और संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में दोनों की पहचान तेलंगाना निवासी बालकृष्ण और तिरूपाते के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि वे नैनीताल में पिछले कुछ समय से रह रहे थे और लोगों की हस्तरेखा (Palm Reading) के माध्यम से भविष्य बताने का कार्य कर रहे थे।

हरिनगर की महिला ने दिया था ठिकाना, हुई चालानी कार्रवाई

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हरिनगर निवासी एक महिला अलका ने इन बाबाओं को अवैध रूप से अपने घर में ठहराया था। पुलिस ने इस पर 5,000 रुपये की चालानी कार्रवाई करते हुए महिला को चेतावनी दी है।

एसओ रमेश बोहरा ने कहा कि “अवैध रूप से घूमने वाले संदिग्ध लोगों को शरण देने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

फर्जी बाबाओं पर प्रदेशभर में सख्ती

उत्तराखंड में “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत फर्जी बाबाओं और ढोंगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ये बाबा अक्सर धार्मिक चोले में लोगों को धोखा देने, अंधविश्वास फैलाने और आर्थिक शोषण करने में लिप्त पाए जाते हैं।