देहरादून। मध्यपूर्व में जारी संघर्ष का असर अब उत्तराखंड में साफ दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति प्रभावित होने के चलते प्रदेश के कई पर्वतीय इलाकों में पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई बाधित हो रही है। इसके चलते आम लोगों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गैस संकट के चलते वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी और कोयले के दामों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जानकारी के अनुसार, टाल से मिलने वाली लकड़ी की कीमत 800 रुपये से बढ़कर 1200 रुपये प्रति कुंतल हो गई है, जबकि डिमांड पर मंगाई जाने वाली लकड़ी 2000 रुपये प्रति कुंतल तक पहुंच गई है। वहीं, कोयले के दाम 3800 रुपये से बढ़कर 4500 रुपये प्रति कुंतल हो गए हैं।
रेस्टोरेंट संचालक बलवीर सिंह का कहना है कि गैस की कमी के कारण उन्हें मजबूरी में महंगी लकड़ी पर खाना बनाना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ गई है। बंजारावाला के एक अन्य कारोबारी विनोद मिश्रवाण के अनुसार, कोयले के दामों में करीब 700 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि ने व्यवसाय पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है।
इधर, शहरी क्षेत्रों में भी स्थिति असमंजसपूर्ण बनी हुई है। देहरादून में प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों के लिए बिना अनुमति पेट्रोल-डीजल की बिक्री न की जाए। जेसीबी जैसी मशीनों को भी अब सीधे पंप पर लाकर ही डीजल भरवाना पड़ रहा है। निजी पंपों पर कमी के चलते सरकारी पंपों की बिक्री में करीब 20 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है।
हालांकि, पूर्ति विभाग ने किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधा से इनकार किया है। जिला पूर्ति अधिकारी कैलाश अग्रवाल के अनुसार, सप्लाई सामान्य है, लेकिन लोगों में अफवाह के चलते अधिक मात्रा में ईंधन भरवाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और जल्द ही पेट्रोल पंप एसोसिएशन के साथ बैठक भी प्रस्तावित है।
इस बीच, अवैध गैस रिफिलिंग के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ठाकुरपुर में पूर्ति विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर एक महिला को घरेलू सिलेंडर से अवैध रिफिलिंग करते पकड़ा। मौके से सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण बरामद किए गए हैं तथा आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
चारधाम यात्रा और शादी के सीजन से पहले बढ़ते इस संकट ने व्यापारियों और आम जनता की चिंता और बढ़ा दी है।
