जौनसार बावर क्षेत्र के हनोल में महासू देवता के धाम के लिए मास्टर प्लान बन रहा है। महासू देवता मंदिर को सुनियोजित तरीके से विकसित किया जाएगा। इसके लिए आईएनआई डिजाइन कंपनी के माध्यम से टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान तैयार किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री के सुझावों और निर्देशों को जिलाधिकारी ने हनोल मंदिर के मास्टर प्लान में शामिल कर लिया है।
आस्था संस्कृति का प्रतीक है महासू देवता मंदिर
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट सभागार में आईएनआई डिजाइन कंसलटेंट और संबंधित विभागीय अधिकारियों की बैठक लेते हुए हनोल टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान के तहत प्रस्तावित कार्याे की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पावन हनोल सिर्फ टूरिस्ट डेस्टिनेशन नहीं, हमारी आस्था संस्कृति का प्रतीक है। इसकी शैली को सुरक्षित रखने और स्थानिकों के हितों को समावेशित करते हुए प्रभावी प्लान बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिसर में पर्यटकों की बढ़ती आमद के दृष्टिगत वाटर सोर्स, सीवर, घाट निर्माण सड़क आदि समुचित आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रॉपर प्लान तैयार किया जाए। डीएम जल्द ही इसी महीने मंदिर परिसर में ही स्थानिकों और तीर्थ पुरोहितों के साथ विमर्श कर कार्य प्रणाली तय करेंगे।
हनोल में पर्यटकों को मिले अच्छी सुविधा
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हनोल क्षेत्र में हर दिन बढ़ रही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सम्पूर्ण टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान तैयार किया जाए। ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अच्छी सुविधा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अधिक अवसर मिल सके।
जिलाधिकारी ने आईएनआई डिजाइन कंस्लटेंट को निर्देशित किया कि हनोल के लिए प्रस्तावित टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान में सीवरेज और वाटर सप्लाई को भी शामिल किया जाए और फ्लोटिंग पॉपुलेशन (अस्थायी आबादी) का विस्तृत सर्वेक्षण करते हुए हनोल क्षेत्र के सुनियोजित विकास हेतु टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्लान बनाकर फिर से प्रस्तुत करें।
गांवों को होम स्टे के रूप में किया जाए विकसित
जिलाधिकारी ने कहा कि हनोल तक आने जाने वाले सभी सहायक सड़क मार्गाे का चौडीकरण और विस्तारीकरण को भी योजना में जोड़ा जाए। टोंस नदी किनारे घाट तक एप्रोच रोड़ रखी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि महासू देवता धाम में निर्मित होने वाली दुकानों में से 50 प्रतिशत दुकानें स्थानीय लोगों महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए आरक्षित करने के निर्देश दिए है। ताकि स्थानीय उत्पादों के विक्रय के लिए स्वयं सहायता समूहों उचित विपणण स्थल मिल सके।
जिलाधिकारी ने पर्यटन अधिकारी को निर्देशित किया कि हनोल क्षेत्र के गांवों को होम स्टे के रूप में विकसित किया जाए। स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करें और होम स्टे पंजीकरण के लिए स्पेशल कैंप लगाकर अधिक से अधिक लोगों को होम स्टे योजना से आच्छादित किया जाए। ताकि आने वाले समय में स्थानीय लोगों को अच्छा रोजगार मिल सके। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि हनोल क्षेत्र से जाने वाले केदार कांठा और अन्य ट्रैक मार्गाे को भी प्राकृतिक रूप से विकसित किया जाए।