प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों के खिलाफ आज महिला कांग्रेस ने राजधानी में हल्ला-बोल किया। उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महिलाओं पर लगातार बढ़ते अत्याचार को रोके जाने, यूसीसी में लिव-इन-रिलेशन का प्रावधान समाप्त किये जाने तथा विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किए जाने की मांग को लेकर प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में विशाल प्रदर्शन के साथ मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम आयोजित करते हुए राज्यपाल के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया।
बढ़ते महिला अपराधों के खिलाफ हल्ला बोल
आज बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कर्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में दिलाराम स्थित सैन्ट्रियो मॉल पर एकत्र होकर वहां से नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। इस दौरान उन्हें रास्ते में ही पुलिस द्वारा रोके जाने पर महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला का कहना है कि भ्रष्टाचार और भयमुक्त सरकार के अपने वायदे पर अमल करने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। राज्य सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल में राज्य में हत्या, लूटपाट, चोरी, डकैती, बलात्कार, चेन स्नैचिंग, टप्पेबाजी आदि अपराधों की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्ष के कार्यकाल में महिलाओं और नाबालिगों के साथ जितने अत्याचार और बलात्कार हुए हैं उसने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा नेता की संलिप्तता और हत्याकांड के लिए जिम्मेदार वीआईपी का नाम भाजपा सरकार तीन साल में उजागर नहीं कर पाई है। अंकिता भंडारी हत्याकांड हो, हेमा नेगी हत्याकांड हो, पिंकी हत्याकांड हो, चाहे बहादराबाद बलात्कार और हत्याकांड हो भाजपा की राज्य सरकार इन मानवता को शर्मसार करने वाली घटनाओं पर चुप्पी साधे हुए है।
यूसीसी से लिव-इन-रिलेशनशिप का प्रावधान हटाया जाए
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में यूसीसी लागू की गई है। उत्तराखंड सदियों से अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक मूल्यों के लिए प्रसिद्ध है तथा यहां का समाज सनातन परंपराओं और पारिवारिक संस्कारों पर टिका हुआ है। देवभूमि की सांस्कृतिक और नैतिक मर्यादाओं को बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि यूसीसी से लिव-इन-रिलेशनशिप जैसे प्रावधानों को हटाया जाना चाहिए।
राज्य में यूसीसी लागू होने के बाद जिस गति से लिव-इन रिलेशनशिप जैसी प्रथाएं तेजी से पैर पसार रही हैं। ये न केवल हमारी सामाजिक संरचना को कमजोर करेगा बल्कि युवाओं को नैतिक रूप से भटकाने का भी काम करेगा। लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार ने यूसीसी में लिव-इन रिलेशनशिप को मान्यता देने का काम किया है जो गलत है। यूसीसी में लिव-इन रिलेशनशिप के प्रावधान के कारण विदूषक दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं। इसलिए यूसीसी से इस प्रावधान को हटाया जाना चाहिए।
महिलाओं का 33 प्रतिशत आरक्षण जल्द किया जाए लागू
महिला कांग्रेस का कहना है कि आज महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में पुरूषों के कंधे से कंधा मिलाकर देश के विकास में योगदान दे रही हैं। लेकिन विधानसभा और लोकसभा में महिला आरक्षण की लम्बे समय से चली आ रही मांग नहीं मानी जा रही है। जिससे महिलाएं अपने को उपेक्षित महसूस कर रही हैं। केन्द्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल को संसद में पास करा दिया गया है लेकिन अभी तक लागू नहीं किया गया है। इसलिए विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण शीघ्र लागू किया जाए।