नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली जिला साइबर थाना पुलिस ने केवाईसी कराने के बहाने लोगों से ठगी करने वाले जामताड़ा-पश्चिम बंगाल आधारित साइबर गिरोह के चार शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान शिव कुमार रविदास, संजय रविदास, दिनेश रविदास और शुभम कुमार बरनवाल के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, बैंक डिटेल्स, ट्रांजैक्शन मैसेज, एक्सेल शीट, एपीके फाइल और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।

पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि सागरपुर निवासी ए. अहमद ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 दिसंबर 2025 को उनके व्हाट्सऐप पर बैंक केवाईसी अपडेट करने के नाम पर मैसेज आया। खाते के बंद होने की धमकी देकर आरोपियों ने पीड़िता को एक एपीके फाइल भेजी और उसे इंस्टॉल कर निजी जानकारी भरने को कहा।

जैसे ही पीड़िता ने लिंक पर क्लिक किया, उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद आरोपियों ने उनके बैंकिंग क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल कर लोन अप्लाई कर 8.30 लाख रुपये की ठगी कर ली। 15 दिसंबर को बैंक मैसेज आने पर पीड़िता को धोखाधड़ी का पता चला।

इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक की टीम ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस और बैंक डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की लोकेशन धनबाद (झारखंड) में ट्रेस की गई। छापेमारी के दौरान पता चला कि आरोपी खेतों में बनाए गए ठिकाने से ठगी का नेटवर्क चला रहे थे। मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि चौथे आरोपी शुभम को पश्चिम बंगाल के हुगली से पकड़ा गया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी खुद को एक्सिस बैंक अधिकारी बताकर लोगों को फर्जी एपीके फाइल इंस्टॉल कराते थे। इसके जरिए बैंकिंग डाटा हैक कर फर्जी लोन की रकम म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर कर एटीएम और पीओएस के माध्यम से नकदी निकालते थे।

चारों आरोपी 10वीं-12वीं पास हैं और पहले मजदूरी, मोबाइल रिपेयरिंग व कैमरामैन का काम करते थे। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।