देहरादून। प्रदेश में हुए अब तक के सबसे बड़े साइबर हमले के बाद सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने सभी सरकारी विभागों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। एजेंसी ने सभी सचिवों और विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि 31 मार्च तक जिन विभागों की वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन का साइबर सुरक्षा ऑडिट नहीं होगा, उनकी सेवाएं स्टेट डाटा सेंटर से बंद कर दी जाएंगी।

आईटीडीए के अनुसार, वर्ष 2024 में हुए साइबर हमले के बाद यह निर्णय लिया गया था कि स्टेट डाटा सेंटर पर होस्ट की जा रही सभी सरकारी वेबसाइटों और एप्लिकेशंस का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। इसके लिए विभागों को बार-बार पत्र भेजे गए, लेकिन कई विभागों की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया।

पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सभी विभाग अपनी वेबसाइट और एप्लिकेशन की तकनीकी जानकारी, क्रेडेंशियल और कार्यात्मक विवरण (वॉकथ्रू) उपलब्ध कराएं, ताकि राज्य साइबर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल द्वारा सुरक्षा ऑडिट किया जा सके।

समस्या यह भी सामने आई है कि कई विभागों ने निजी व्यक्तियों या एजेंसियों से वेबसाइट और एप्लिकेशन विकसित कराए थे, जिनका अब कोई पता नहीं है। इसके कारण विभाग आवश्यक तकनीकी विवरण उपलब्ध कराने में असमर्थ हैं, जिससे सुरक्षा ऑडिट की प्रक्रिया बाधित हो रही है।

केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देशों के तहत सभी सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया गया है। बढ़ते साइबर खतरों के मद्देनजर राज्य सरकार डिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि डाटा चोरी, हैकिंग और साइबर हमलों जैसी घटनाओं को रोका जा सके।