नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने सोमवार को भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति **‘प्रहार’** जारी की। इस नीति का मुख्य उद्देश्य भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आतंकी हमलों को रोकना और आतंकवाद से उत्पन्न खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करना है।

नीति के तहत किसी भी प्रकार के आतंकवादी खतरे के जवाब में त्वरित, सटीक और खतरे के अनुरूप संतुलित कार्रवाई करने की बात कही गई है। ‘प्रहार’ में पूरे सरकारी तंत्र की आंतरिक क्षमताओं को एकजुट कर समन्वित तरीके से कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि खुफिया तंत्र, सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासनिक इकाइयां मिलकर प्रभावी रणनीति बना सकें।

रणनीति में मानवाधिकारों और कानून के शासन के सिद्धांतों के आधार पर प्रक्रियाओं का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। इसके साथ ही कट्टरपंथ और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली सामाजिक, आर्थिक और वैचारिक परिस्थितियों को कमजोर करने पर भी बल दिया गया है।

‘प्रहार’ में आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के साथ तालमेल बढ़ाने और वैश्विक सहयोग को दिशा देने की बात भी शामिल है। सरकार ने पूरे समाज की भागीदारी से पुनर्वास, सामाजिक मजबूती और शांति स्थापना सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ‘प्रहार’ नीति भारत के आतंकवाद-रोधी ढांचे को एक समग्र दिशा प्रदान करेगी और भविष्य में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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