देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में बोनस एक्ट संशोधन, ईएसआई में डॉक्टरों के पदों की मंजूरी, उत्तराखंड कारागार एक्ट में संशोधन, सूक्ष्म खाद्य योजना विस्तार और वन विभाग के दैनिक कर्मियों के मानदेय से जुड़े निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूत करने के लिए 22 नए पद सृजित करने का फैसला लिया है। इससे राज्य में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और गति मिलने की उम्मीद है।
बैठक में पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 में किए गए संशोधन को वापस लेने का निर्णय भी लिया गया। अब उद्योगों को मुनाफा हो या न हो, श्रमिकों को बोनस का भुगतान अनिवार्य होगा। इसके साथ ही केंद्रीय पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 को प्रभावी कर दिया गया है।
ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) में डॉक्टरों की सेवा नियमावली को मंजूरी देते हुए भर्ती प्रक्रिया का रास्ता साफ किया गया है। इसके तहत 76 मेडिकल ऑफिसर, 11 सहायक निदेशक, छह संयुक्त निदेशक और एक अपर निदेशक के पद स्वीकृत किए गए हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की संभावना है।
उत्तराखंड कारागार एक्ट में संशोधन करते हुए आदतन अपराधियों की परिभाषा को केंद्र सरकार की परिभाषा के अनुरूप अपनाया गया है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य योजना को मार्च तक बढ़ाने और वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम 18,000 रुपये मानदेय देने का फैसला किया गया है, जिससे 579 श्रमिकों को लाभ मिलेगा।
कैबिनेट के इन निर्णयों को राज्य में श्रमिक कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून-व्यवस्था सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
