अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में पुलिस ने बंद पड़े एक ईंट-भट्ठे में चल रही अवैध तमंचा फैक्ट्री का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गोरई थाना पुलिस ने यह कार्रवाई सोमवार को सूचना के आधार पर की।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी देहात अमृत जैन ने बताया कि अवैध शस्त्रों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एएसपी सम्यक चौधरी और सीओ इगलास महेश कुमार के नेतृत्व में गोरई थाना पुलिस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग (देहात) की संयुक्त टीम ने बेसवां रोड स्थित बंद पड़े भट्ठे पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान मौके से गिरोह के सरगना जयवीर उर्फ जगवीर और सोनू खान (निवासी गांव कारौली, थाना गोरई), दीपक (निवासी गांव अमरपुर धाना), कान्हा (निवासी गांव नीम, थाना राया, मथुरा) और विनय उर्फ बंटी (निवासी भौज नगरिया, थाना गौंडा) को गिरफ्तार किया गया। जयवीर वर्तमान में गौंडा थाना क्षेत्र के कस्बे में रह रहा था।
पुलिस ने मौके से नौ अवैध तमंचे (.315 बोर), दो अधबने तमंचे, कारतूस, नाल, ट्रिगर और करीब 50 तमंचे बनाने का रॉ मैटेरियल बरामद किया है। इसके अलावा ड्रिल मशीन, हथौड़ा, आरी, रेती, पाइप, कोयला, मिट्टी की भट्ठी सहित अन्य औजार, तीन मोबाइल फोन और 460 रुपये नकद भी मिले हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तमंचों का रॉ मैटेरियल अलीगढ़ के मदारगेट से और नाल आगरा के छीपी टोला से खरीदी जाती थी। एक तमंचा बनाने में एक से डेढ़ हजार रुपये खर्च आता था, जिसे छह से सात हजार रुपये में बेचा जाता था। आरोपी ऑर्डर पर तमंचे बनाकर अलीगढ़, मथुरा और आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे।
पुलिस के अनुसार, सरगना जयवीर वर्ष 2015 में भी इसी तरह के मामले में जेल जा चुका है, जबकि कान्हा पर चार मुकदमे दर्ज हैं। बरामदगी के आधार पर आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
