ऋषिकेश। उप जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां पिछले करीब 15 दिनों से एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि गरीब मरीजों को आपस में चंदा जुटाकर बाजार से दवा खरीदनी पड़ रही है।

अस्पताल के वैक्सीन रूम में प्रतिदिन 30 से 40 मरीज कुत्ता, बिल्ली और बंदर के काटने के बाद उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन इंजेक्शन न मिलने के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ता है। मजबूरी में मरीज चार-चार लोगों का समूह बनाकर 100-100 रुपये इकट्ठा करते हैं और करीब 400 रुपये की एक एंटी-रेबीज वायल मेडिकल स्टोर से खरीदते हैं। एक वायल में चार डोज होते हैं और इसे खोलने के बाद चार से पांच घंटे के भीतर उपयोग करना जरूरी होता है।

गुमानीवाला निवासी सुनीता शर्मा, चंद्रेश्वर नगर के धीरज कुमार, अजय सिंह और सुमन देवी ने बताया कि वे बुधवार को अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन वहां वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी। इसके बाद उन्होंने आपस में पैसे जुटाकर दवा खरीदी और इंजेक्शन लगवाया।

मरीजों का कहना है कि पहले अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क मिलती थी, लेकिन अब उन्हें मजबूरन खर्च करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जिन स्थानों से वैक्सीन की सप्लाई होती है, वहां भी कमी चल रही है और जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।