उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने से रोके जाने के बाद पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने प्रेस वार्ता कर प्रदेश सरकार, स्थानीय विधायक शक्ति लाल शाह और प्रशासन पर तीखा हमला बोला।
आर्य ने कहा कि पिलखी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का शिलान्यास किसी सरकार की कृपा नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के लंबे जनांदोलन का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि घनसाली दैविक आपदा प्रभावित क्षेत्र है, जहां वर्षों से उप जिला चिकित्सालय की मांग उठती रही, लेकिन सरकार ने केवल सीएचसी देकर जनता को “झुनझुना” थमा दिया। बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के चलते क्षेत्र में चार लोगों की मौत होने का भी उन्होंने दावा किया।
उन्होंने कहा कि बेलेश्वर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आज भी मानकों के अनुरूप नहीं है और वहां डॉक्टरों व सुविधाओं का अभाव है। इसके बावजूद सरकार ने दूसरा सीएचसी घोषित कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। आर्य के अनुसार घनसाली की वास्तविक जरूरत उप जिला चिकित्सालय है, न कि अधूरी सुविधाओं वाला केंद्र।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि जब वह जनता की समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनके घर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उन्होंने धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश का भी आरोप लगाया।
आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घनसाली में केवल भाषण दिया, लेकिन स्वास्थ्य, पलायन और जंगली जानवरों के आतंक जैसे मुद्दों पर कोई ठोस घोषणा नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले चुनाव में जनता जवाब देगी।
