मसूरी। मसूरी के वाइनबर्ग एलन स्कूल के बोर्डिंग कैंपस में जंगल के बीच बनी एक मजार को लेकर विवाद शुरू हो गया है। आरोप है कि जंगल की भूमि पर अवैध रूप से मजार और उसके आसपास पक्के निर्माण किए गए हैं। विरोध के बाद वन विभाग ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जमीन के स्वामित्व और मजार के निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है।
जानकारी के अनुसार, मसूरी के टिहरी बाईपास रोड स्थित वाइनबर्ग एलन स्कूल परिसर में प्राइवेट फॉरेस्ट क्षेत्र के भीतर यह मजार बनी हुई है। बुधवार को कुछ स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया और जंगल की भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने स्थल का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि मजार जिस भूमि पर स्थित है, वह स्कूल के स्वामित्व वाली निजी वन भूमि है।
डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि स्कूल को नोटिस भेजकर भूमि के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज और मजार के निर्माण से संबंधित जानकारी मांगी गई है। वहीं, वाइनबर्ग एलन स्कूल के बरसर एएन चौहान ने स्पष्ट किया कि मजार स्कूल की स्थापना से पहले से मौजूद है।
इसका निर्माण या संचालन स्कूल द्वारा नहीं किया गया है। हालांकि यह मजार स्कूल की जमीन पर स्थित है और इसे हटवाने के प्रयास पहले भी किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। स्कूल प्रबंधन ने कहा है कि मजार हटने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
गौरतलब है कि मसूरी में वर्ष 1980 से नए निर्माण पर प्रतिबंध लागू है। यदि जांच में यह निर्माण प्रतिबंध के बाद का पाया जाता है, तो इसे अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है। स्कूल प्रबंधन ने वन विभाग को लिखित जवाब में कहा है कि यह मजार करीब 50 वर्षों से वहां मौजूद है और सभी धर्मों व समुदायों के लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। अब आगे की कार्रवाई वन विभाग की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।
