देहरादून। देहरादून नगर निगम की कारगी स्थित पुरानी कूड़ा डंपिंग साइट पर गुरुवार दोपहर अचानक आग लगने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। नेशनल हाईवे के किनारे स्थित इस डंपिंग साइट पर वर्षों से जमा थर्मोकोल, पुराने कपड़े और सूखे कचरे में शरारती तत्वों द्वारा आग लगाए जाने की आशंका जताई जा रही है। आग से उठे जहरीले धुएं ने आसपास के आबादी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सूचना मिलते ही नगर निगम, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। देर रात करीब एक बजे तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। सिविल डिफेंस के सेक्टर वार्डन सागर मलिक ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे आग की सूचना मिली थी, जिसके बाद दमकल की लगभग दस गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। नगर निगम की जेसीबी मशीनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया।

मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि नगर निगम की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि कारगी क्षेत्र में नगर निगम के लगभग सौ वार्डों का कूड़ा कई वर्षों से डंप किया जा रहा है। पूर्व में भी स्थानीय लोगों ने दुर्गंध और प्रदूषण को लेकर कई बार प्रदर्शन किए हैं। हाल ही में मैकेनाइज्ड कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण हुआ था, जिसके बाद व्यवस्था सुधरने के दावे किए गए थे। लेकिन इस घटना ने इन दावों की पोल खोल दी है।

स्वच्छ वायु कार्यक्रम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के बीचोंबीच कूड़े में आग लगने की घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठीक बगल में पेट्रोल पंप स्थित होने से बड़ा हादसा टलने को लेकर स्थानीय लोग राहत की सांस ले रहे हैं।