हल्द्वानी। 25 से 30 महीनों में निवेश राशि को दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाली इनवेस्टमेंट कंपनी जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ विमल रावत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को विमल को पूछताछ के लिए तलब किया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने निवेशकों से 35 करोड़ रुपये से अधिक की राशि एकत्र की थी। जब निवेशकों ने अपना पैसा वापस मांगा, तो उन्हें टरकाया जाने लगा। मामला उजागर होने के बाद कुमाऊं कमिश्नर के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई तेज की। पार्थ परासर, निवासी कपिल कॉलोनी, बड़ी मुखानी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने बीते सोमवार को प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत में बताया गया कि परासर ने नवंबर और दिसंबर 2024 में पांच-पांच लाख रुपये की दो किश्तों में कुल 10 लाख रुपये निवेश किए थे।
कंपनी ने प्रतिमाह आठ प्रतिशत ब्याज देने का वादा किया था। बाद में केवल 1.90 लाख रुपये मूलधन और इतनी ही राशि ब्याज के रूप में वापस की गई, जबकि शेष 8.10 लाख रुपये नहीं लौटाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि विमल रावत, उसकी पत्नी रूबी रावत और अन्य निदेशक अनूप ने मिलकर लोगों को मार्केट ट्रेडिंग में धन लगाकर दोगुना लाभ देने का लालच दिया। कंपनी का कार्यालय हल्द्वानी के डहरिया क्षेत्र में खोला गया था। पुलिस रूबी रावत और अनूप की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी ने लोगों से अपील की है कि शॉर्टकट कमाई के लालच में अपनी मेहनत की पूंजी किसी के हवाले न करें और फर्जी निवेश योजनाओं से सतर्क रहें।
