कालाढूंगी (नैनीताल)। जिस बेटे को सीने से लगाकर पाला-पोसा, उसी की बेवफाई ने बुजुर्ग माता-पिता को बुढ़ापे में सड़क पर ला खड़ा किया। बैलपड़ाव निवासी कुसुम देवी और मोहन राम की आंखों में आंसू और चेहरे पर बेबसी उस वक्त छलक पड़ी, जब उन्होंने जन-जन की सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई।
बुजुर्ग दंपती ने बताया कि करीब 14 वर्ष पूर्व उनके बेटे, जो आर्मी से सेवानिवृत्त है, ने उन्हें भरोसे में लेकर नहर किनारे स्थित उनकी जमीन और घर बिकवा दिया। इसके बाद उसने अपना हिस्सा भी बेच दिया और परिवार सहित हल्द्वानी के दमुवाढूंंगा क्षेत्र में रहने लगा। आरोप है कि इसके बाद बेटे ने माता-पिता को बेसहारा छोड़ दिया, जिससे वे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
दंपती ने बताया कि जिस घर में उन्होंने अपने बच्चों का भविष्य संजोया था, आज उसी घर की छत से वे हमेशा के लिए पराए हो गए हैं। 80 वर्ष की उम्र पार कर चुके बुजुर्गों के पास न तो सिर छिपाने का ठिकाना है और न ही कोई सहारा देने वाला अपना। गांववालों की दया और मदद से किसी तरह उनका जीवन गुजर रहा है। उनकी पीड़ा सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने एसडीएम कालाढूंगी को निर्देश दिए कि बुजुर्ग दंपती को उनका हक दिलाने के लिए शीघ्र कार्रवाई की जाए। डीएम ने संबंधित बेटे का संपर्क नंबर लेकर मामले में न्याय सुनिश्चित करने का भरोसा भी दिलाया।
