लालकुआं। बड़ा आदमी बनने का सपना लेकर ट्रेन से दिल्ली जा रहे हल्द्वानी के प्रतिष्ठित परिवारों के दो नाबालिग बच्चों को लालकुआं जीआरपी ने समय रहते बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया और दोनों बच्चे सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात करीब 9:45 बजे काठगोदाम से दिल्ली जा रही रानीखेत एक्सप्रेस लालकुआं रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर खड़ी थी। इसी दौरान जीआरपी चौकी में तैनात पुलिस कर्मियों की नजर ट्रेन के दरवाजे के पास खड़े दो संदिग्ध नाबालिगों पर पड़ी। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे घर से भागकर दिल्ली जा रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने दोनों को ट्रेन से उतारकर पूछताछ की, जहां उन्होंने सच बताया।

बच्चों में एक 13 वर्षीय बालक नैनीताल हाईकोर्ट के अधिवक्ता का पुत्र है और डीपीएस हल्द्वानी में कक्षा आठ का छात्र है, जबकि दूसरा 13 वर्षीय बालक डीपीएस हल्द्वानी में कक्षा सात में पढ़ता है और उसके पिता भारतीय सेना में सेवारत हैं।

उधर, देर शाम दोनों बच्चों के परिजनों ने हल्द्वानी के टीपी नगर पुलिस चौकी में बच्चों के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस और परिजन बच्चों की तलाश में जुटे थे, तभी लालकुआं जीआरपी से उनके बरामद होने की सूचना मिली। इसके बाद टीपी नगर पुलिस और परिजन जीआरपी चौकी पहुंचे, जहां बच्चों को सकुशल पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली।

बच्चों ने बताया कि वे दिल्ली जाकर बड़ा आदमी बनना चाहते थे और मां की डांट से नाराज होकर घर से निकल पड़े थे। दोनों शाम चार बजे ट्यूशन और खेलने का बहाना बनाकर घर से निकले और हल्द्वानी स्टेशन से ट्रेन पकड़ ली। जीआरपी की सतर्कता से दोनों सुरक्षित बरामद हो गए। परिजनों ने पुलिस कर्मियों का आभार जताया है।