देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राज्यवासियों से अवैध घुसपैठियों और तथाकथित लैंड जिहाद के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सुनियोजित तरीके से देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, अस्मिता और जनसांख्यिकी को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड जिहाद के माध्यम से खाली पड़ी सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे की कोशिशें की जा रही हैं। इसके साथ ही लव जिहाद और थूक जिहाद जैसे कृत्यों के जरिए समाज में वैमनस्य फैलाने और प्रदेश के स्वरूप को बिगाड़ने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने इन गतिविधियों के विरुद्ध कठोर रुख अपनाया है और अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।

सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि की संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए यह अभियान पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहेगा। राज्य में भू-कानून को और सख्त किया गया है तथा परिवार रजिस्टरों की जांच के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान की जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह सजग है और अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की डेमोग्राफी को बदलने के लिए योजनाबद्ध षड्यंत्र रचे जा रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी। फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी जैसे दस्तावेजों के सहारे रह रहे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष अक्टूबर में उत्तरकाशी में एक रेस्टोरेंट में थूक लगाकर रोटी बनाने की घटना सामने आने के बाद प्रदेशभर में आक्रोश देखने को मिला था। राज्य सरकार का मानना है कि उत्तराखंड में बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठिए मौजूद हैं और लव जिहाद के मामले भी समय-समय पर सामने आते रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने बच्चों को सुरक्षित, सशक्त और संस्कारित उत्तराखंड सौंपने के लिए संकल्पबद्ध है।