अल्मोड़ा में दरारेंप्रतीकात्मक तस्वीर

साल 2023 में जोशीमठ में आई दरारों ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया था। दरारों के कारण कई परिवारों को अपने पुश्तैनी घर छोड़ राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी थी तो कई लोग किराए के मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं। जोशीमठ जैसी ही दरारें अब अल्मोड़ा जिले के ल्वेटा गांव में भी आ गई हैं। इन दरारों के कारण एक महीने में गांव के चार मकान गिर गए हैं। जिसके बाद से ग्रामीमों में भय का माहौल है।

अल्मोड़ा के ल्वेटा गांव में आई जोशीमठ जैसी दरारें

अल्मोड़ा जिले के ल्वेटा गांव के लोग इन दिनों डर के साए में जीने को मजबूर हैं। गांव में जोशीमठ की तरह ही मकानों में दरारें आ गई हैं। आलम ये है कि दरारों के कारण एक महीने के भीतर चार मकान गिर गए हैं। जबकि 35 मकान जर्जर स्थिति में हैं। अनहोनी के डर से लोग अपने घरों को छोड़ टेंट लगाकर रह रहे हैं। जबकि कुछ ग्रामीणों ने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है। लेकिन 15 परिवार ऐसे हैं जो मजबूरी में जर्जर मकानों में ही जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं।

डीएम ने दिए जांच के आदेश

गुरूवार को भैंसियाछाना ब्लाॅक स्थित ल्वेटा के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय से मुलाकात की। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को गांव की स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि साल 2010 में भी गांव के कई मकानों में दरारें आई थी और छह मकान भी धवस्त हो गए थे।

लेकिन प्रशासन ने उस वक्त केवल तीन परिवारों को ही एक लाख बीस हजार का मुआवजा दिया था। अब एक बार फिर से गांव के 35 से ज्यादा मकानों में दरारें आ गई हैं। जिस से गांव की करीब 350 की आबादी पर सिर से छत छिनने का खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही दरारें आने के कारण पानी की लाइन भी उखड़ गई है। जिस से लोगों को पानी के लिए भी तरसना पड़ रहा है।