ऊधम सिंह नगर। ऊधमसिंह नगर में अवैध रूप से गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण कराने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर निगरानी बढ़ाते हुए जल्द ही व्यापक छापेमारी अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में भ्रूण मिलने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। बीते एक साल में ऐसे चार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिससे विभाग की चिंता बढ़ गई है। इसी को देखते हुए फरवरी 2025 में मुखबिर योजना शुरू की गई थी, जिसके तहत लिंग परीक्षण की सूचना देने वाले व्यक्ति को 50 हजार रुपये का इनाम देने का प्रावधान किया गया था। हालांकि, योजना के बावजूद अब तक कोई ठोस सूचना सामने नहीं आई है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिले के घनी आबादी वाले और सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर विशेष नजर रखें। खासकर उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों के केंद्रों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जहां अवैध रूप से लिंग परीक्षण किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी केंद्र पर अनियमितता या अवैध गतिविधियां पाई जाती हैं, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गर्भस्थ शिशु के लिंग परीक्षण पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून के तहत दोषी पाए जाने पर तीन से पांच साल तक की जेल और 10 हजार से एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

स्वास्थ्य विभाग का यह अभियान जिले में लिंगानुपात सुधारने और भ्रूण हत्या जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।