देहरादून। राज्य सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों के विभागों का पुनर्विन्यास करते हुए प्रशासनिक कार्यों में स्पष्टता और प्रभावशीलता लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ मंत्रियों को भी उनकी क्षमता और अनुभव के आधार पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

वरिष्ठ मंत्री सतपाल महाराज को लोक निर्माण विभाग (PWD), ग्रामीण निर्माण, संस्कृति, धर्मस्व, पर्यटन और सिंचाई जैसे प्रमुख विभाग दिए गए हैं। इसके साथ ही भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाओं की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी। गणेश जोशी को कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण, रेशम विकास तथा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग सौंपे गए हैं।

डॉ. धन सिंह रावत का शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में प्रभाव बरकरार रखते हुए उन्हें विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृत, तकनीकी शिक्षा और सहकारिता विभाग दिए गए हैं। वहीं, सुबोध उनियाल को वन, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्यों के साथ चिकित्सा स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रेखा आर्य महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति, खेल और युवा कल्याण विभाग संभालेंगी। अन्य मंत्रियों में सौरभ बहुगुणा को पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन और गन्ना विकास, खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और भाषा विभाग दिए गए हैं।

भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास, MSME और खादी एवं ग्रामोद्योग, मदन कौशिक को पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष शिक्षा और जनगणना, जबकि प्रदीप बत्रा को परिवहन, IT, विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग सौंपे गए हैं। राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है।

सरकार के इस निर्णय को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विकास कार्यों में तेजी लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।