भाजपा ने प्रदेश सरकार के तीन सालों को देवभूमि के लिए शानदार, ऐतिहासिक और इतिहास निर्माण करने वाला बताया है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में युवा उत्तराखंड युवा मुख्यमंत्री की अच्छी सोच, मेहनत और दृढ़ शक्ति से तीव्रता से आगे बढ़ रहा है। बीजेपी का कहना है कि सीएम धामी के नेतृत्व में प्रदेश की जनता से जो भी वादे किए वे सभी पूरे किए गए हैं।
BJP ने जनता से जो भी वादे किए वे सभी किए गए पूरे
पार्टी मुख्यालय में धामी सरकार के सेवा सुशासन के 3 वर्ष पूरे होने पर आज बीजेपी ने प्रेस वार्ता की। प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि पुष्कर धामी के नेतृत्व में भाजपा ने प्रदेश की जनता से जो भी वादे किए वे सभी पूरे किए गए हैं। उसमें हमारी प्राथमिकता राज्य की डेमोग्राफी एवं उसके देवभूमि स्वरूप को बरकरार रखने की है। उसी दिशा में उतराखंड की बागडोर संभाल रहे युवा राज्य के युवा सीएम ने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण कानून, दंगारोधी कानून और सख्त भू कानून जैसे ऐतिहासिक एवं साहसिक कदम उठाए।
यही वजह है कि राज्य में पहले और देश के उन प्रमुख मुख्यमंत्रियों की कतार में खड़े है जिनके फैसलों और वायदों पर शत प्रतिशत खरा उतरने वालों के रूप मे उनकी सर्वाधिक चर्चा होती है। जनता की नब्ज टटोलकर निर्णय लेने वाले धामी के कार्यकाल मे दर्जनों ऐसे निर्णय सामने आये, जिनका बेमन से विपक्ष ने विरोध जताया, लेकिन जनता ने न केवल उसे सराहा, बल्कि समय समय पर उप चुनाव, निकायों में इन पर सहमति की मुहर तक लगाई। आज तेजी से आगे बढ़ रहे उत्तराखण्ड मे सीएम धामी और विकास एक दूसरे के पूरक बन गए हैं।
यूसीसी से लेकर लव जिहाद पर लगा पूर्ण विराम
सुरेश जोशी ने कहा कि जनता से किए वादों को पूरा करने की बात करें तो सीएम धामी के दृढ़ इच्छा शक्ति से राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हो चुकी है। मातृ शक्ति को अधिकार संपन्न बनाने और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने की दिशा में उनकी इस पहल अन्य राज्यों के लिए नजीर बन गई है।
राज्य की डेमोग्राफी और उसका देवभूमि स्वरूप सुनिश्चित करने के लिए हम कठोरतम धर्मांतरण कानून लेकर आए, अवैध धार्मिक अतिक्रमणों एवं शिक्षण संस्थानों पर रोक लगाई और दंगारोधी कानून लागू किया। जिसका नतीजा है कि लव जिहाद और लैंड जिहाद की साजिशें पर पूर्ण विराम लग गया है। इस पूरी कार्यवाही से अब तक 144. 5 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया और सैकड़ों अवैध मदरसों पर ताला लगाया गया है।
सख्त भू-कानून से प्रदेशवासियों की जमीनी चिंता दूर की
पर्वतीय क्षेत्रों की लंबे समय से एक बड़ी चिंता अपनी कृषि जमीनों को बचाने की थी। जिसे गंभीरता और पूरी संवेदनशीलता से लेते हुए हमारी सरकार कठोरतम भू कानून लेकर आई है। जिसके मुताबिक अब तक गैर प्रयोजन उपयोग में लायी गयी भूमि को सरकार में निहित करने का प्रावधान किया गया है। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में अब कृषि भूमि को कोई बाहरी व्यक्ति नहीं खरीद पाएगा।