हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में प्रेमी जोड़े की निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरुवार सुबह गल्ला मंडी परिसर में युवक और युवती के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों शवों की पहचान 31 वर्षीय शुभम कुमार टम्टा (निवासी अल्मोड़ा) और 19 वर्षीय लक्ष्मी पोखरिया (निवासी ओखलकांडा, नैनीताल) के रूप में की है। दोनों किराये के कमरे में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।

पुलिस के अनुसार, बुधवार रात शुभम और लक्ष्मी चार दोस्तों के साथ मंडी परिसर के सुनसान स्थान पर शराब पार्टी करने पहुंचे थे। पार्टी करीब चार घंटे चली और रात साढ़े बारह बजे विवाद हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दीपू शर्मा और शुभम के बीच पुरानी रंजिश और गाली-गलौज के कारण झगड़ा बढ़ गया। इसी दौरान लक्ष्मी सीढ़ियों से फिसलकर गिर गई, जिसे दोस्तों ने उठाया। इसे लेकर शुभम भड़क उठा और विवाद और गंभीर हो गया।

पुलिस का कहना है कि विवाद के दौरान चारों आरोपियों ने मिलकर शुभम पर पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए लक्ष्मी की भी बेरहमी से हत्या कर दी गई। मौके से पुलिस को खून के निशान और करीब 25 किलो वजनी पत्थर मिला, जिससे वार किए गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई है।

हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन मृतकों के मोबाइल फोन साथ ले जाने की गलती उनके लिए भारी पड़ गई। पुलिस ने सर्विलांस के जरिए लोकेशन ट्रेस कर चारों आरोपियों—गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर, दीपू शर्मा उर्फ ध्रुव, सौरभ भट्ट और दीपेश लटवाल को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी अक्कू पर पहले से 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस के मुताबिक, शुभम नशे का आदी था और उसके खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट समेत दो मुकदमे दर्ज थे। वहीं लक्ष्मी एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी की छात्रा थी और पढ़ाई में होनहार बताई जा रही है।

घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा है। लक्ष्मी के परिजनों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।