चमोली। पवित्र हेमकुंड साहिब की यात्रा अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। कपाट बंद होने में कुछ ही दिन शेष रहने के कारण धाम में अंतिम दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है। इस वर्ष हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इससे पहले देशभर से श्रद्धालु धाम पहुंचकर मत्था टेक रहे हैं।

10 अक्तूबर को हेमकुंड साहिब में इस यात्रा वर्ष की अंतिम अरदास होगी। इसके बाद गुरुद्वारे के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के प्रबंधक सेवा सिंह के अनुसार, कपाट बंद करने को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यात्रा समाप्त होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

इस वर्ष हेमकुंड साहिब की यात्रा ने श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। अब तक 3 लाख 58 हजार से अधिक श्रद्धालु धाम में दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सितंबर की शुरुआत में ही इस वर्ष की संख्या पिछले साल के पूरे यात्रा सीजन के रिकॉर्ड को पार कर गई थी।

हेमकुंड साहिब चमोली जिले में समुद्र तल से करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कठिन पहाड़ी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण धाम कई महीनों तक बर्फ से ढका रहता है, जिसके चलते यात्रा सीमित अवधि में ही संचालित होती है।

इस वर्ष यात्रा का शुभारंभ 23 मई को हुआ था। यात्रा के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचे। अंतिम चरण में मौसम में बदलाव और ठंड बढ़ने के बावजूद श्रद्धालुओं में दर्शन को लेकर उत्साह बना हुआ है।

कपाट बंद होने के बाद हेमकुंड साहिब में शीतकालीन अवधि शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही इस वर्ष की यात्रा समाप्त हो जाएगी। अब यात्रा के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मार्ग और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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