देहरादून। प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़े के मामले में देहरादून में एक और छात्र पुलिस कार्रवाई की जद में आया है। छात्र पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास प्रमाणपत्र और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाने का प्रयास करने का आरोप है। मामले में लेखपाल की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, तहसील सदर क्षेत्र के तहत हरिपुर कांवली निवासी एलिस तोमर ने अपणी सरकार पोर्टल के माध्यम से स्थायी निवास प्रमाणपत्र और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन के सत्यापन के दौरान दस्तावेजों को लेकर संदेह सामने आया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने आवेदक के दिए गए पते का सत्यापन कराया।

सत्यापन के दौरान आवेदक उस पते पर निवास करता हुआ नहीं मिला। इसके बाद आवेदन के साथ लगाए गए आधार कार्ड और शपथपत्र की भी जांच की गई। जांच में दोनों दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद लेखपाल स्वाति ने पुलिस को शिकायत दी, जिसके आधार पर आरोपी छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस और प्रशासन अब दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। इस मामले को भी प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी में शामिल किया जाएगा।

देहरादून में इस मामले से पहले भी प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी को लेकर कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पुलिस की एसआईटी अब तक इस प्रकरण में पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में सामने आया है कि कुछ मामलों में बाहरी राज्यों के लोगों के माध्यम से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराए गए थे।

पुलिस अब एलिस तोमर के आवेदन से जुड़े दस्तावेजों, प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया और संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।