नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर क्षेत्र के चर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में अहम फैसला सुनाते हुए सजा काट रहे दो अभियुक्तों धीर सिंह और अजय कुमार की सजा निलंबित कर उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ ने अभियुक्तों की आपराधिक अपील और जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद पारित किया।
अभियुक्तों ने निचली अदालत के उस निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें 19-20 अगस्त 2020 की रात युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का दोषी पाते हुए 22 जुलाई 2025 को कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि ट्रायल के दौरान पीड़िता और उसके पिता ने न तो अभियुक्तों का नाम लिया और न ही अदालत में उनकी पहचान की।
मुख्य गवाहों द्वारा भी पहचान से इनकार किए जाने को सजा के विरुद्ध महत्वपूर्ण आधार बताया गया। अदालत ने इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए सजा निलंबित करने का आदेश दिया।
वहीं, एक अन्य मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अश्वनी गौड़ की अदालत ने थाना पंतनगर क्षेत्र में किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी भुलाई उर्फ भोलई यादव को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने मार्च 2023 में दो बार घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध पाया।
