देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के समीप धौलास क्षेत्र में स्थित 20 एकड़ भूमि का विवाद उत्तराखंड में नए राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे “बड़ी साजिश” करार दिया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जुड़ी चर्चाएं और क्षेत्र में जनसांख्यिकीय बदलावों की बातें किसी व्यापक योजना की ओर संकेत करती हैं। उन्होंने कहा कि इस भूमि आवंटन की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और यदि यह नियमों के विरुद्ध पाया गया तो भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने पाया है कि उक्त भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर आवासीय उद्देश्यों के लिए बेचा जा रहा है, जिससे आईएमए की सुरक्षा पर संभावित खतरा उत्पन्न हो सकता है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि यह भूमि आवंटन वर्ष 2004 का है, जब नारायण दत्त तिवारी राज्य के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने सवाल उठाया कि इसके बाद भाजपा की सरकारें सत्ता में आईं, तो उन्होंने समय रहते इस आवंटन को रद्द क्यों नहीं किया।
भाजपा ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के विधायक और प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुस्लिम विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना बना रही थी, जिसे 2022 में जनता और भाजपा के विरोध के कारण पूरा नहीं किया जा सका। उन्होंने यह भी कहा कि अब भूमाफिया द्वारा भूमि का दुरुपयोग किया जा रहा है और आईएमए की सुरक्षा को देखते हुए इस जमीन को तुरंत सरकार में निहित किया जाना चाहिए।
इस विवाद ने राज्य में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है और भूमि आवंटन से जुड़े पुराने निर्णयों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
