कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मतदाताओं को साधने के लिए बड़े चुनावी वादे करने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा अपने आगामी चुनाव संकल्प पत्र में राज्य की हर महिला मतदाता को हर महीने 2500 रुपये नकद आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर सकती है। यह मॉडल बिहार विधानसभा चुनाव में अपनाए गए महिला-केंद्रित वादों से प्रेरित माना जा रहा है, जहां ऐसे वादों ने एनडीए गठबंधन को चुनावी बढ़त दिलाने में मदद की थी।
इसके अलावा भाजपा पश्चिम बंगाल में एक लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने, ‘ड्रोन दीदी’ रोजगार योजना से जोड़ने और गरीब महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास सुविधा देने जैसे वादे भी कर सकती है। पार्टी इस समय राज्य में मतदाताओं से सुझाव लेकर संकल्प पत्र तैयार कर रही है और फरवरी के अंत तक इसे सार्वजनिक करने की संभावना है।
महिला मतदाता भाजपा के लिए एक मजबूत समर्थन आधार बनकर उभरी हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात सहित कई राज्यों में महिला मतदाताओं का रुझान भाजपा की ओर देखा गया है। 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी यह प्रवृत्ति बनी रही, जिसके चलते केंद्र सरकार की कई नीतियों में महिला कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है।
उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए बड़े कदम उठा रही हैं। हालिया बजट में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि में 500 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है। सामान्य, एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी वृद्धि की गई है, जिससे करीब 2.5 करोड़ महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान है।
भाजपा नेताओं का दावा है कि पश्चिम बंगाल में एनडीए इस बार भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी और जनता तृणमूल कांग्रेस सरकार से मुक्ति चाहती है। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस भी अपने चुनावी घोषणा पत्र में नए लोकलुभावन वादे कर महिला वोट बैंक को बनाए रखने की रणनीति बना सकती है।
