देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा की सहायक सड़कों को ऑल वेदर रोड परियोजना में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया है। यह प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग (PWD) के माध्यम से भेजा गया है, जिससे चारधाम यात्रा मार्गों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी सुरक्षित और सुगम हो सके।

इस संबंध में राज्य के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर परियोजना में सहायक सड़कों को शामिल करने का आग्रह किया है।

सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम राजमार्ग विकास परियोजना के तहत बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों का डबल लेन निर्माण कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। हालांकि, यात्रा के दौरान उपयोग में आने वाली कई सहायक सड़कों का भी महत्वपूर्ण योगदान है, जिन्हें अब ऑल वेदर रोड परियोजना में शामिल करने की जरूरत है।

उन्होंने बताया कि 2013 की आपदा के दौरान इन सहायक सड़कों ने फंसे हुए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुरक्षित निकालने में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में इन मार्गों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण भविष्य में आपदा प्रबंधन और यातायात सुगमता के लिहाज से बेहद जरूरी है।

प्रस्तावित सहायक सड़कों में उत्तरकाशी–लंबगांव–चमियाला–घनसाली–मयाली–गुप्तकाशी, कमांद–डोबराचांठी–कोटीकालोनी–पौखाल–मलेथा, कुंड–चोपता–गोपेश्वर–चमोली और कोटद्वार–सतपुली–पौड़ी–श्रीनगर मार्ग शामिल हैं।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कुछ सड़कों पर चौड़ीकरण और सुधार कार्य पहले ही शुरू कर चुकी है। इन मार्गों के डबल लेन बनने से चारधाम यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा और सुरक्षा मिलेगी। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद इन सड़कों पर विकास कार्य तेज़ी से शुरू किए जाएंगे, जिससे धार्मिक पर्यटन को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया जा सकेगा।