वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सामान या सेवाएं खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की अनुमति देने वाले एक महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस आदेश में किसी निश्चित टैरिफ दर का उल्लेख नहीं है, लेकिन अधिकारियों को बदलती परिस्थितियों के अनुसार टैरिफ तय करने और संशोधित करने का अधिकार दिया गया है।

इस आदेश के तहत विदेश मंत्री, वाणिज्य मंत्री और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को टैरिफ प्रणाली और संबंधित उपायों को लागू करने के लिए नियम और दिशा-निर्देश जारी करने सहित आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अधिकृत किया गया है। आदेश में यह भी प्रावधान है कि यदि हालात बदलते हैं, जवाबी कार्रवाई होती है, या ईरान अथवा प्रभावित देश अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और आर्थिक हितों के साथ तालमेल के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हैं, तो राष्ट्रपति इसमें संशोधन कर सकते हैं।

व्हाइट हाउस के अनुसार, यह कदम ईरान के परमाणु कार्यक्रम, आतंकवाद के समर्थन, बैलिस्टिक मिसाइल विकास और क्षेत्रीय अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों का मुकाबला करने के उद्देश्य से उठाया गया है। बयान में आरोप लगाया गया कि ईरान मध्य पूर्व में विभिन्न प्रॉक्सी समूहों और मिलिशिया को समर्थन देता है, जो अमेरिकी नागरिकों, सेना, सहयोगियों और क्षेत्रीय साझेदारों को निशाना बनाते हैं।

अमेरिकी प्रशासन ने ईरान पर संसाधनों के कुप्रबंधन और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप भी लगाए हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, ईरानी सरकार बुनियादी ढांचे और नागरिक कल्याण के बजाय परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को प्राथमिकता देती है, जबकि देश की जनता आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही है। प्रशासन ने ईरान को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए “लगातार और असाधारण खतरा” बताते हुए इस आदेश को राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक बताया है।