देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की बिजली मांग और उपभोक्ता रुझानों में बड़ा बदलाव सामने आया है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के समक्ष पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़ों से स्पष्ट हुआ है कि जहां राज्य में कुल बिजली बिक्री अनुमान से अधिक रही, वहीं औद्योगिक क्षेत्रों में मांग में गिरावट दर्ज की गई है।

यूपीसीएल की रिपोर्ट के अनुसार, एचटी (हाई टेंशन) इंडस्ट्री श्रेणी में बिजली मांग में करीब 3.60 प्रतिशत की कमी आई है। भारी उद्योगों द्वारा ओपन एक्सेस के तहत खुले बाजार से बिजली खरीदना इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही है। वर्षभर में एचटी उपभोक्ताओं ने लगभग 20.10 करोड़ यूनिट बिजली ओपन एक्सेस से खरीदी, जिससे यूपीसीएल की ग्रिड पर निर्भरता घटी। इसका असर भगवानपुर क्षेत्र में 51 प्रतिशत और रुद्रपुर-1 क्षेत्र में 19 प्रतिशत तक लोड में कमी के रूप में देखा गया।

वहीं, लघु उद्योग (एलटी इंडस्ट्री) श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 15,993 से बढ़कर 16,400 हो गई, लेकिन कुल अनुबंधित भार में 27,913 किलोवाट की गिरावट दर्ज की गई। मिक्स्ड लोड श्रेणी में भी उपभोक्ताओं की संख्या 89 से घटकर 86 रह गई, इसके बावजूद बिजली लोड में 1897 किलोवाट और बिक्री में 52 लाख यूनिट की वृद्धि हुई है।

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो रुड़की डिविजन में बिजली मांग में 19.75 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रायपुर और रुड़की जैसे क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की संख्या घटी, लेकिन शेष उपभोक्ताओं की बढ़ी खपत के चलते कुल मांग में 2.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

यूपीसीएल के अनुसार, ये आंकड़े राज्य में बिजली खपत के बदलते स्वरूप और औद्योगिक उपभोक्ताओं की नई रणनीतियों को दर्शाते हैं।