बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां मधुमक्खियों के हमले से बचने के लिए की गई एक कोशिश ने 61 वर्षीय वृद्ध की जान ले ली। यह घटना कोतवाली क्षेत्र के गौतमनपुरवा मजरे रौनी गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे घटी।

जानकारी के अनुसार, गौतमनपुरवा गांव निवासी रामऔतार (61) मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे बाजार से लौटने के बाद सरपत काटने के लिए गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर गए थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों से बचने के लिए रामऔतार ने सरपत में आग लगाकर धुआं करने की कोशिश की, ताकि मधुमक्खियां वहां से भाग जाएं। हालांकि, यह प्रयास उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।

सरपत सूखी होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया और रामऔतार चारों ओर से आग की लपटों में घिर गए। देखते ही देखते वह आग से बाहर नहीं निकल सके और मौके पर ही जिंदा जल गए। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

इधर, देर शाम तक रामऔतार के घर न लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान एक राहगीर से उन्हें वृद्ध के जलकर मौत की सूचना मिली। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो रामऔतार का जला हुआ शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वृद्ध ने मधुमक्खियों से बचने के लिए आग जलाई थी, लेकिन सरपत में आग फैलने से वह उसकी चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की विधिक कार्रवाई में जुटी है।