ऊधमसिंह नगर जिले में किराये के मकानों का इस्तेमाल कर अपराध को अंजाम देने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हाल ही में सामने आई धोखाधड़ी, दुष्कर्म और हनी ट्रैप की घटनाओं ने पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जांच में सामने आया है कि कई अपराधी किरायेदार बनकर रिहायशी इलाकों में ठिकाना बना रहे हैं और वहीं से आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं।

जिले के रुद्रपुर मुख्यालय के साथ-साथ सितारगंज, पंतनगर और काशीपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों से लोग रोजगार के लिए आते हैं। इनमें अधिकांश लोग मजदूरी या छोटे काम करके जीवनयापन करते हैं। ऐसे में मकान मालिक बिना सत्यापन के किरायेदार रख लेते हैं, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों के मामलों पर नजर डालें तो तस्वीर चिंताजनक नजर आती है। कई घटनाओं में युवतियों को बहला-फुसलाकर लाया गया और किराये के कमरों में बंधक बनाकर उनके साथ दुष्कर्म किया गया। वहीं, देह व्यापार और साइबर ठगी जैसे अपराधों के लिए भी किराये के मकानों का इस्तेमाल सामने आया है।

हाल के मामलों में अप्रैल के पहले सप्ताह में पटियाला की एक युवती से रुद्रपुर में दुष्कर्म का मामला सामने आया। 30 मार्च को हनी ट्रैप और लूट के मामले में महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो किराये के कमरे में रह रहे थे। इसके अलावा फर्जी मौलाना द्वारा ‘जिन्न’ के नाम पर डेढ़ करोड़ की ठगी का मामला भी किराये के मकान से संचालित हो रहा था।

पुलिस के अनुसार, मकान मालिकों द्वारा किरायेदारों का सत्यापन न कराना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कई लोग अधिक किराया मिलने के लालच में नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं।

इसी के मद्देनजर जिले में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस आबादी वाले और रिहायशी क्षेत्रों में लगातार चेकिंग कर संदिग्धों की पहचान कर रही है। एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट किया है कि जो मकान मालिक किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।