देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यात्रा की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार मंदिरों की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई कड़े निर्णय लिए गए हैं। चारधाम के मंदिर परिसरों के 70 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही फोटो, वीडियो और सोशल मीडिया रील बनाने पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
गैर-सनातनियों के प्रवेश को लेकर भी इस बार सख्ती बरती जाएगी। हालांकि, द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी अन्य धर्म के व्यक्ति की सनातन परंपरा में आस्था है, तो उसे प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। यह मुद्दा हाल ही में तब चर्चा में आया जब बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के चारधाम दर्शन को लेकर सवाल उठे थे।
बीकेटीसी के अनुसार, अब तक यात्रा के लिए 11,68,644 से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जल्द ही समिति की आधिकारिक वेबसाइट से पूजा बुकिंग की सुविधा भी शुरू की जाएगी, जिससे लोग घर बैठे ही पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित कर सकेंगे। इसके अलावा, विश्राम गृहों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी तैयारी की गई है।
चारधाम के कपाट खुलने की तिथियां भी घोषित कर दी गई हैं। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन खुलेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 6:15 बजे खोले जाएंगे। वहीं, हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तिथि मई में घोषित की जाएगी।
प्रशासन का दावा है कि इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाया जाएगा।
