देवप्रयाग। देवप्रयाग में शराब के ठेके को हटाने की मांग को लेकर चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान प्रशासन की आधी रात कार्रवाई ने माहौल गरमा दिया। भारी बारिश और कड़कड़ाती ठंड के बीच पुलिस ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को हटाने की कोशिश की। देर रात थाना प्रभारी प्रशांत बहुगुणा और नायब तहसीलदार विजयपाल सिंह गुसाईं के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए टेंट हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
इस दौरान टेंट में क्रमिक अनशन पर बैठी बुजुर्ग महिलाओं को महिला पुलिस ने जबरन बाहर निकाल दिया। मूसलाधार बारिश के बीच उन्हें सड़क पर खड़ा कर दिया गया। महिलाएं हाथ जोड़कर टेंट न तोड़ने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी।
स्थिति तब और विवादित हो गई जब पुलिस ने टेंट की रस्सियां खोलने के लिए खुद जोखिम न उठाकर एक नाबालिग को छत पर चढ़ा दिया। आंदोलनकारी पुष्पा रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य सीताराम राणाकोटी ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि टेंट तोड़ा जा सकता है, लेकिन पहाड़ की महिलाओं का हौसला नहीं।
आंदोलनकारी महिलाओं ने स्थानीय विधायकों और प्रशासन पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि जब शराब के नशे में असामाजिक तत्व महिलाओं से छेड़छाड़ करते हैं, तब पुलिस निष्क्रिय रहती है, लेकिन हक की आवाज दबाने के लिए आधी रात कार्रवाई की जाती है।
पुलिस कार्रवाई के बावजूद महिलाएं पीछे नहीं हटीं और पूरी रात बारिश में भीगते हुए ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भजन गाकर विरोध जताती रहीं। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रदेशभर में प्रशासन के खिलाफ रोष देखने को मिल रहा है।
