चमोली। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोनला से पीपलकोटी के बीच स्थित पर्थाडीप भूस्खलन जोन एक बार फिर चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों और प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। करीब 25 किलोमीटर लंबे इस खंड में जहां कुछ हिस्सों में सुधार कार्य किए गए हैं, वहीं कई स्थान अब भी जोखिम भरे बने हुए हैं।
कार्यदायी संस्था एनएचआईडीसीएल द्वारा लगभग 60 मीटर क्षेत्र में भूस्खलन रोकने के उपाय किए गए हैं, लेकिन करीब 20 मीटर हिस्सा अभी भी अत्यंत जर्जर स्थिति में है। इस क्षेत्र में ऊपर से लगातार पहाड़ी दरक रही है, जबकि नीचे अलकनंदा नदी बहने से खतरा और बढ़ गया है। बरसात के दौरान यहां स्थिति और गंभीर हो सकती है, क्योंकि पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा अब भी जमा है।
मैठाणा से पीपलकोटी तक का लगभग 20 किलोमीटर मार्ग जरूर सुगम हो गया है, लेकिन नंदप्रयाग बाजार से पहले, चमोली चाड़ा, चमोली बाजार के आगे और बिरही चाड़ा के पास अधूरी हिल कटिंग के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। बीते वर्षों की तरह इस बार भी इन स्थानों पर कार्य अधूरा ही है।
मैठाणा क्षेत्र में भूधंसाव रोकने के लिए मिट्टी भरान किया जा रहा है, लेकिन हाईवे के अलकनंदा की ओर खिसकने का खतरा बना हुआ है। चमोली बाजार के पास चार वर्षों से अधूरी पड़ी हिल कटिंग भी यातायात में बाधा बन सकती है।
हालांकि छिनका, बिरही, कौड़िया, मायापुर और गडोरा क्षेत्रों में चौड़ीकरण और डामरीकरण कार्य पूर्ण होने से राहत मिली है। इसके बावजूद संवेदनशील जोन में अधूरे कार्य चारधाम यात्रा की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
