उत्तराखंड में लाखों बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। ऊर्जा निगम ने फरवरी माह के लिए बिजली की नई दरें जारी कर दी हैं। यूपीसीएल ने फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) के तहत चार पैसे से लेकर 15 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की है। यह वृद्धि फरवरी की खपत पर लागू होगी, जिसका असर उपभोक्ताओं को होली के आसपास आने वाले बिजली बिलों में देखने को मिलेगा।
ऊर्जा निगम की ओर से यह नई दरें यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार के अनुमोदन के बाद बुधवार को जारी की गईं। एफपीपीसीए को हर माह वसूलने की व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं पर लगातार आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच केवल तीन बार बिजली के बिल सस्ते हुए, जबकि 10 महीनों में दरों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पिछले वर्ष दिसंबर 2025 में एक से पांच पैसे, नवंबर में तीन से 14 पैसे और जुलाई में 24 से 100 पैसे प्रति यूनिट तक दरों में कमी की गई थी। इसके विपरीत जनवरी 2025 में चार से 12 पैसे, फरवरी में नौ से 28 पैसे, जून में 17 से 71 पैसे, अगस्त में पांच से 21 पैसे, सितंबर में आठ से 33 पैसे और अक्तूबर में छह से 26 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी हुई।
ऊर्जा निगम का दावा था कि मासिक समायोजन से एक अप्रैल से लागू होने वाली वार्षिक दरों में अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं होगी, लेकिन इसके बावजूद एक अप्रैल 2025 से बिजली की दरों में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि लागू कर दी गई, जिससे उपभोक्ताओं पर दोहरा बोझ पड़ा है।
नई एफपीपीसीए दरों के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। वहीं बीपीएल श्रेणी में 0.4 पैसे, कॉमर्शियल में 14 पैसे, सरकारी संस्थानों में 13 पैसे, निजी ट्यूबवेल में 0.4 पैसे और कृषि श्रेणी में 0.7 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। उद्योगों के लिए 13 पैसे, मिक्स लोड व रेलवे के लिए 12 पैसे, ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए 12 पैसे और अस्थायी कनेक्शनों पर सबसे अधिक 15 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी लागू की गई है।
