मेरठ। मेरठ जिले के कपसाड़ गांव में खेत जाते समय दलित महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के मामले में मुख्य आरोपी पारस को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। रविवार को अवकाश के बावजूद अदालत में विशेष सुनवाई हुई, जहां रूबी ने आरोपी के खिलाफ बयान दर्ज कराए।

रूबी ने कोर्ट को बताया कि उसकी मां की हत्या पारस ने उसके सामने की थी। इसके बाद अदालत ने आरोपी को जेल भेज दिया और रूबी को काउंसिलिंग के लिए संबंधित विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के अनुसार रूबी ने पहले ही बयान दिया था कि पारस ने मां की हत्या के बाद उसे जान से मारने की धमकी देकर जबरन अपने साथ ले गया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात के समय मौके पर केवल पारस मौजूद था। पहले जिस सुनील का नाम सामने आया था, उसकी कोई भूमिका नहीं पाई गई। हत्या के बाद पारस रूबी को लेकर मुजफ्फरनगर, दिल्ली और फिर ट्रेन से हरिद्वार पहुंचा, जहां से शनिवार को दोनों को बरामद कर लिया गया। आरोपी की उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है, जबकि रूबी बालिग है। प्रेम संबंध की पुष्टि अभी जांच में नहीं हो सकी है।

इधर, मृतका की बहन माया देवी ने पुलिस पर पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने का आरोप लगाते हुए गांव के बाहर धरना दिया। वहीं, पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को काशी टोल पर पुलिस ने रोक दिया, जिससे नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को गांव में प्रवेश की अनुमति दी जा रही है, जबकि अन्य दलों को रोका जा रहा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।