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38वें राष्ट्रीय खेलों को ग्रीन गेम्स बनाने की घोषणा की गई थी। इस दौरान खिलाड़ियों के दिए जाने वाले मेडल और अन्य सामान भी पूरी तरह इको फ्रेंडली था। लेकिन जिन बोतलों में खिलाड़ियों को पानी दिया गया था वो प्लास्टिक की थी। नेशनल गेम्स के दौरान तीन लाख से ज्यादा पानी की बोतलों का इस्तेमाल किया गया। इन इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की बोतलों को रिसाइकल कर बेंच बना दी गई हैं।

नेशनल गेम्स के दौरान यूज्ड बोतलों से बनी बेंच

शुक्रवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में इन बैंचों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय खेल ग्रीन गेम्स की थीम पर आयोजित करने का ऐलान किया था और इस दिशा में कई नूतन पहल की थी। इनमें से ये भी एक पहल थी प्लास्टिक को रिसाइकिल किया जाए। इसलिए नेशनल गेम्स के दौरान जिन पानी की बोतलों का इस्तेमाल खिलाड़ियों व अन्य लोगों ने किया उन खाली बोतलों को सभी आयोजन स्थलों से एकत्र किया गया। फिर इन्हें रिसाइकिल किया गया और उनसे इन बैंचों को बनाया गया है।

पर्यावरण संरक्षण करने की दिशा में एक बेंचमार्क

खेल मंत्री ने बताया कि फिलहाल 10 बेंच तैयार होकर महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में पहुंच गई है और उन्हें छात्रों के इस्तेमाल के लिए स्थापित कर दिया गया है। जल्द ही 20 और बेंच तैयार होकर आ जाएंगी। खेल मंत्री रेखा आर्या ने इस अवसर पर कहा कि इस पहल के जरिए उत्तराखंड ने खेलों के जरिए भी पर्यावरण संरक्षण करने की दिशा में एक बेंचमार्क स्थापित किया है।

इस अवसर पर स्पोर्ट्स कॉलेज के छात्र खिलाड़ियों ने भी खेल अभ्यास, खेल प्रतियोगिता के दौरान जो स्पोर्टस वेस्टैज निकलता है, उसके रचनात्मक और रीसाइकिल्ड उपयोग करने की शपथ ली। इस अवसर पर विशेष खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निर्देशक प्रशांत आर्य, स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि मौजूद रहे।