हरिद्वार। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उत्तराखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है। बुधवार को हरिद्वार में कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ पदयात्रा निकालकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए विरोध दर्ज कराया।

पदयात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर SIR के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना उचित सत्यापन के हटाया जाना गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से प्रक्रिया में सामने आई आपत्तियों का समाधान करने और मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का पर्याप्त अवसर देने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उत्तराखंड में SIR के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। पार्टी की प्रदेश SIR कमेटी पहले ही इस प्रक्रिया में करीब 13.85 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा कर चुकी है। कांग्रेस का आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर नाम हटने से पात्र मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। पार्टी ने इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात भी कही है।

वहीं, निर्वाचन विभाग की ओर से SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। हरिद्वार जिला प्रशासन की वेबसाइट पर SIR से संबंधित अंतिम मतदाता सूची, ASD सूची, गणना फॉर्म और राजनीतिक दलों के साथ हुई बैठकों की जानकारी भी जारी की गई है।

कांग्रेस ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी को दूर करना जरूरी है, ताकि आगामी चुनावों में प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके। पार्टी ने SIR से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और आपत्तियों के निस्तारण की मांग की है। दूसरी ओर, भाजपा कांग्रेस के SIR विरोध को राजनीतिक मुद्दा बताते हुए प्रक्रिया पर सवाल उठाने के लिए उसकी आलोचना कर रही है।

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