हरिद्वार। लक्सर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद चुनावी तस्वीर में बड़ा बदलाव सामने आया है। 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। मौजूदा मतदाता सूची में लक्सर विधानसभा क्षेत्र में 90,944 मतदाता रह गए हैं। विधानसभा चुनाव के मुकाबले यह संख्या 11,676 और 2024 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 12,736 कम है।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में लक्सर सीट पर 1,02,620 मतदाता थे, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यह संख्या 1,03,680 दर्ज की गई थी। अब SIR के बाद मतदाताओं की संख्या घटकर 90,944 रह गई है। मैपिंग के बाद प्री-SIR सूची में भी 2,679 मतदाताओं की कमी सामने आई थी। हालांकि, इसे पूरी तरह SIR के दौरान हटाए गए नाम नहीं माना जा रहा है, क्योंकि इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं को जोड़ने और अन्य संशोधनों का काम भी हुआ था।

SIR के दौरान लक्सर विधानसभा क्षेत्र में 3,840 आपत्तियां स्वीकार की गईं। वहीं, गणना प्रपत्रों की जांच के दौरान 37,726 प्रपत्रों में नाम, फोटो और पते समेत विभिन्न प्रकार की विसंगतियां सामने आईं। इनमें 8,144 ऐसे मतदाता थे, जिनके नाम 2003 की विधानसभा मतदाता सूची में नहीं थे। इसके अलावा 8,586 मतदाता ऐसे पाए गए, जो मृत्यु, स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से बीएलओ के संपर्क करने पर अपने पते पर नहीं मिले। नगर क्षेत्र में भी दो हजार से अधिक मतदाताओं के नाम परिवर्तन, मृत्यु अथवा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने की जानकारी सामने आई।

मतदाता संख्या में यह बदलाव आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2022 में लक्सर सीट पर जीत-हार का अंतर 10,440 वोट था। ऐसे में मतदाता सूची में इससे अधिक का बदलाव राजनीतिक दलों के लिए नए समीकरण तैयार करने की चुनौती पेश कर सकता है। खासतौर पर जिन बूथों और गांवों में मतदाताओं की संख्या में अधिक परिवर्तन हुआ है, वहां दलों को पुराने चुनावी आंकड़ों के बजाय नए मतदाता आधार के अनुसार रणनीति बनानी होगी।

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